NEP 2020

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 : एक परिचय

NEP 2020 Syllabus

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राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 क्यों ?

  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का भाव लिये गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, विषय संबंधित ज्ञान के साथ कौशल विकास, मूल्यपरक तथा रोजगारोन्मुखी शिक्षा की ओर उन्मुख करती है।
  • इस नीति में सतत मूल्यांकन का प्रावधान है जिससे विद्यार्थियों के मानसिक ऊर्जा के साथ बौद्धिक क्षमता में भी वृद्धि होगी।
  • सेमेस्टर आधारित पाठ्यक्रम होने के कारण विद्यार्थियों को परीक्षा का तनाव नहीं होगा।
  • बहु-विषयक प्रणाली पर आधारित यह नीति विद्यार्थियों को उनकी इच्छानुसार दूसरे संकाय के विषयों का अध्ययन करने की स्वतंत्रता देती है।
  • पाठ्यचर्या में भारतीय ज्ञान पद्धति के समावेश के साथ पाठ्येतर गतिविधियों को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।
  • प्रौद्योगिकी के अनुकूलतम उपयोग पर बल दिया गया है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के मुख्य प्रावधान :

  • 03/04 वर्षीय बहु-संकायी स्नातक पाठ्यक्रम
  • समस्त पाठ्यक्रम क्रेडिट पर आधारित होने के साथ ही चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम के अंतर्गत होंगे।
  • 03/04 वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम को विद्यार्थी अधिकतम 07 वर्षों में पूर्ण कर सकता है।
  • पाठ्यक्रम अवधि में विद्यार्थी ‘बहु-प्रवेश, बहु-निकास’ प्रावधान के अंतर्गत प्रथम वर्ष पूर्ण कर किसी कारणवश पढ़ाई छोड़ देता है तो उसे उस संकाय के अंतर्गत ‘सर्टिफिकेट’ दो वर्ष पूर्ण कर छोड़ने पर ‘डिप्लोमा’ की उपाधि दी जायेगी एवं तृतीय वर्ष पूर्ण करने पर ‘स्नातक’ की उपाधि प्राप्त कर पाठ्यक्रम को छोड़ सकता है।
  • जिन विद्यार्थियों को विषय विशेष में विशेषज्ञता प्राप्त करने या शोध करने की इच्छा हो वे पाठ्यक्रम को निरंतर चौथे वर्ष में जारी रख सकते हैं एवं ‘आनर्स/आनर्स विथ रिसर्च’ की उपाधि चौथे वर्ष में प्राप्त कर सकते हैं।
  • इस नीति के अंतर्गत बहु-विषयक शिक्षा, वैचारिक समझ एवं आलोचनात्मक सोच, नैतिक मूल्यों के साथ कौशल विकास को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है।
  • सतत आंतरिक मूल्यांकन में 30 अंक एवं अंत सेमेस्टर परीक्षा में 70% अंको का प्रावधान रखा गया है। विद्यार्थी को उत्तीर्ण होने हेतु इन दोनों को मिलाकर (आंतरिक एवं सेमेस्टर परीक्षा) कुल 40 प्रतिशत प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
  • जेनेरिक एलेक्टिव के अंतर्गत कला/विज्ञान/वाणिज्य संकाय का विद्यार्थी अपने संकाय के अतिरिक्त अन्य संकाय के किसी एक विषय को अपनी इच्छानुसार ले सकता है।
  • विद्यार्थी शिक्षा के ऑनलाइन प्लेटफार्म यथा SWAYAM / MOOC में उपलब्ध पाठ्यक्रमों से भी विषय से संबंधित पाठ्यक्रम की पढ़ाई कर सकता है।
  • स्वाध्यायी छात्रों का समयबद्ध नामांकन और सतत मूल्यांकन द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना।

पूर्व की शिक्षा नीति एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में अंतर :

शिक्षा नीति 1986राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020
03 वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम03/04 वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम
वार्षिक प्रणालीसेमेस्टर प्रणाली
क्रेडिट आधारित पाठ्यक्रम नहीं थाक्रेडिट आधारित पाठ्यक्रम एवं अन्य संकाय के विषय चुनने की स्वतंत्रता
आंतरिक मूल्यांकन की व्यवस्था नहीं थीआंतरिक मूल्यांकन में 30% एवं अंत सेमेस्टर में 70% अंको का प्रावधान
आनर्स पाठ्यक्रम नहीं थाआनर्स/आनर्स विथ रिसर्च पाठ्यक्रम चौथे वर्ष के विद्यार्थियों के लिये उपलब्ध होगा।
इंटर्नशिप एवं एंट्रेप्रेन्योरशिप की व्यवस्था नहीं थीइंटर्नशिप एवं एंट्रेप्रेन्योरशिप को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।
स्नातक पाठ्यक्रम के मध्य में पढ़ाई छोड़ने पर कोई भी उपाधि नहीं मिलती थीप्रथम वर्ष/द्वितीय वर्ष के पश्चात पढ़ाई छोड़ने पर क्रमशः सर्टिफिकेट / डिप्लोमा की उपाधि प्राप्त होगी।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लाभ :

  • विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास।
  • मूल्य परक, कौशल विकास, क्षमता संवर्धन के साथ जेनेरिक इलेक्टिव विषय के अध्ययन से स्वरोजगार के अवसर में वृद्धि।
  • विद्यार्थियों में आलोचनात्मक सोच, डिजिटल साक्षरता के साथ रोजगार क्षमता एवं शारीरिक विकास को बढ़ावा देते हुये भविष्य की चुनौतियों के लिये तैयार करता है।
  • पूरे प्रदेश में समरूप शिक्षा होने से वनांचल एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्यधारा में जोड़ना।
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National Education Policy 2020 at a Glance

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